Abhay Tripathi
पत्रकारिता पेशे से जुड़ा हूं। उत्तर प्रदेश, गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली में रहने लगा। अखबार और न्यूज चैनल में काम करने के बाद अब एक समाज सेवी संस्था में काम कर रहा हूं। अपने बारे में एक लाइन थोड़ा लिख रहा हूं ज्यादा समझने की कोशिश करिएगा। "क्या भरोसा, कांच का घट है, किसी दिन फूट जाए, एक मामूली कहानी है, अधूरी छूट जाए।"