Anil Choudhary
Hanumangarh, Rajasthan
बच्चपन कि बहुत सी यादें आज भी जहन में है! बचपन का रोना आज अकेलेपन में भी मुस्कान दे जाता है! मेरा एक ही दोस्त था मेरे बचपन में और वो है मेरा भाई! आज भी हम उतने ही अच्छे दोस्त है जितने बचपन में! आज भी मुझे उसके साथ कंधे में हाथ डालकर चलना बहुत पसंद है! बचपन में हम दोनों हमेशा साथ घूमते, कंधे में हाथ डालकर घूमते, एक जेसे ही कपडे पहनते!