भगवा रक्षा परिषद

dharma sastra, Gau Sarnkshan, and Sanskritik aur dharmik in India

भगवा रक्षा परिषद भारत का एक सनातन हितार्थ सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जो धर्मशास्त्र, वर्णाश्रमधर्म, वैदिक परंपराओं और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा व संवर्धन के लक्ष्य से कार्य करता है। परिषद का गठन 19 जनवरी 2021 (माघ शुक्ल षष्ठी, विक्रम संवत 2077) को हुआ और इसकी स्थापना श्री अजीत पाण्डेय द्वारा की गई। संगठन का पंजीकृत मुख्यालय लखनऊ तथा राष्ट्रीय कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

परिषद का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल सिद्धांत—धर्म, सत्य, सेवा और संस्कार—को समाज में स्थापित करना है। संगठन गौ-संरक्षण, मंदिर एवं तीर्थ-स्थल संरक्षण, साधु-सेवा, धर्मशिक्षा, संस्कार-विकास, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण जैसे क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रम संचालित करता है।

भगवा रक्षा परिषद का मानना है कि सनातन संस्कृति केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक पहचान का आधार है। इसलिए परिषद का हर प्रयास समाज में ऐसे वातावरण का निर्माण करना है जहाँ परंपराएँ संरक्षित रहें, युवा जागरूक हों और समाज धर्म, कर्तव्य और सेवा की दिशा में प्रेरित हो।

संगठन सम्पूर्ण भारत में अपनी प्रादेशिक और जिला इकाइयों के माध्यम से कार्य करता है, और समाजहित, धर्मरक्षा तथा सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में निरंतर सक्रिय रहता है।

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    • सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन