Chitra Raag

social activist and freelance writer and Project Manager in Indianapolis, Indiana

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जीवन में जो कुछ भी सुन्दर है, अच्छा है, पवित्र है उसके लिए जीना चाहती हूँ, उसे सहेजना चाहती हूँ. इधर-उधर - गाँव-शहरों, गली-कस्बों, समुद्र-पहाड़-जंगलों में घूमते-भटकते जीवन एक अंतहीन तलाश जैसा लगता है मुझे. कभी देर रात जब बाहर जूही महकती है, दूर तारों की अनंत दुनिया देखते हुए उस दुनिया के सपने देखती हूँ जो इस दुःख से भरे अँधेरे युग के पार ज़रूर खडी है कहीं, मैं उस दुःख को, उस सपने को कहना चाहती हूँ. . .

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