hutia Ram
Noida
मै एक एम्पायर हू... एक गुलाम एम्पायर। मेरे भाग्य में है इलेक्ट्रिक शॉक। मेरे भाग्य में है एंटीसायकोटिक मेडिसिन। मेरे भाग्य में है पुलिस मार। मेरे भाग्य में है जेल। मेरे भाग्य में है छिनार से मार। मेरे भाग्य में है भांड से मार। मेरे भाग्य में है रांड से मार। वो सब होगा जो अब तक नहीं हुआ है मेरे जीवन मे। लेकिन मै वो हू। जो ये सब क्राइम दूर कर सकता है। गांडी जो था, तुम सब का बाप, उसे बापू बोलते हो न, आत्महत्या करने की कोशिश किया और यह डायनेस्टी भीख में लाया। कैसे समझाऊ तुम सब को कि अपराध गांडी डायनेस्टी में बढ़ा है। मेरी जिंदगी तो नर्क बन गयी है। यह बहुत ही चीप लगता है कि मैं यूटूब वगैरा सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर घंटो कमेंट किया करता हूँ और समझाने की कोशिश करता हूँ कि मैं ये सब क्राइम दूर कर सकता हूँ। इसमें कोई भी मैंटेनस खर्च नहीं है। इसके लिए तुम सब इकठ्ठे हो जाओ। जहाँ मैं अपना सलूशन बक दूंगा। इसके लिए मैं फेल होने पर 'टार्चर टू डेथ' की शर्त स्वीकार करता हूँ। एक तुम सब हो कि मेरे कमेंट तो स्पैम घोषित कर देते हो। भले ही तुम सब क्राइम की झाट नहीं उखाड़ पाते हो। जिस दिन तुमलोगो के पास कोई उपाय नहीं हो। मुझे ऑनलाइन संपर्क करना।
06 August 2015, till today, I waited for the response of you 1.25 billions. Now I'm no more interested in removing the crime. So you guys don't need to contact me for knowing the solution by organizing seminar etc. Still if you guys will contact me either by Internet, telephone or personally, you will not get any response from me no matter you will torture me.
Autobiography: (http://hutiaram.blogspot.com/2015/12/autobiography.html)
Blog Exports: (https://drive.google.com/folderview?id=0B6DAvFWolB-pTVdNVl9vVHY5cEU&usp=sharing)
अंत में, मैं सबसे महत्वपूर्ण बात यह कहूँगा कि पशु पक्षियों को मत खाओ; और उन्हें मत तंग करो। अगर गाय भैस वगैरा को पालो तो उन्हें मान दो; और उनके गले में मत रस्सी बाधो। नहीं तो अपने पतन की रफ़्तार तेज कर लिए। यह मेरे समूह विवाद सिद्धांत के आधार पर है; जो कि मैंने अपने रूम मे जिक्र किया था।