DEVENDER SINGH PUNDIR
lucknow
DEVENDER SINGH PUNDIR
lucknow
मेरे अन्दर पहाड़ो के संस्कार है
मेरा दिल पहाड़ो सा बड़ा है इसमें कुमानी और गढ़वाली प्यार है
मेरे अन्दर झलकता मेरा रूप और ढोल दम्मो की झंकार है
सबके लिए अपनापन न कोई बैर न कोई तकरार है
मेरे अन्दर लाखो गम भले ही हो पर सबको देता हस्सी की धार है
रूप रंग कद काठी मेरी मत देखो मेरा मुलुक करता सबका सत्कार है
मेरे अन्दर पहाड़ो के संस्कार है ♥ देव ♥