महेश बारमाटे "माही"

Jabalpur

एक एहसास जो जागा था कभी उन दो अँखियों के वास्ते,
आज एक आगाज बन गया है...
आखिर तू है कहाँ ओ मेरे माही !
के देख तेरे बिन मैं भी एक शायर बन गया....

  • Work
    • MP Madhya Kshetra Vidyut Vitaran Co. Ltd
  • Education
    • BE (EEE)