Mohit Makkad
Mandsaur
Mohit Makkad
Mandsaur
उन लम्हों की यादें ज़रा संभाल के रखना जो हमने साथ बिताये थे ~ क्यों की ~ हम याद तो आयेंगे मगर लौट कर नहीं !
उन लम्हों की यादें ज़रा संभाल के रखना जो हमने साथ बिताये थे ~ क्यों की ~ हम याद तो आयेंगे मगर लौट कर नहीं !