Naveen Chawla

अपने बारे मे क्या कहू दोस्तो, अपने हाथो की लकीरो की तस्वीर हु मैं, निकला हु ढूंढने खुद को खुद ही में, अपनी ही राह मे राहगीर हु मैं, मिल जाओ जो तुम्हे कही इस दुनिया मे, लेना दुआएँ, की यारो दिल से तो अमीर हु मैं , उडता हु ख्वाब के बादलो पे मैं, के अपनी आशाओ की जागीर हु मैं, अपने बारे मे क्या कहू दोस्तो, अपने हाथो की लकीरो की तस्वीर हु मैं,