Nitesh Gaurav
Web Developer, Software Engineer, and Project Manager in Ahmedabad, India
बहुत कुछ लिखने का कहा गया है पर बहुत कुछ तो कुछ भी नहीं होता, और कुछ ही कई बार बहुत कुछ होता है !!
हमें जनना हो तो बस हमें पढ़ लो ..
हमसे #भुलाया नहीं जाता एक "#मुख्लिस" का प्यार,
लोग #जिगर वाले है जो रोज़ नया महबूब बना लेते है ...
[ गौरव ]
अब खुद के बारे में क्या कहु ...
जो मुझे जानते है वो मेरी फिदरत और शकशियत के बारे में बखूबी जानते है,
" खुद को समझना आ गया तो खुद को पहले और आपको बाद में बताऊंगा पहले खुद तो समझ लू "
" खुद ही खुद को समझने की कोशिस में लगा हू "
बहुत मुशील हो रही है आज तो " कौन हूँ मै ?"
हलकी मुस्कुराहट और नम आखों से खुद को देखु तो बस एक ही सवाल आता है " आखिर ऐसा क्यों ?"
सारे मायने और पैमाने बदल से गए है आज की दुनिया में, यहाँ मै खुद को अकेला पाता हूँ..
" दर्द का अहसास दर्द होने से होता है केवल अहसास होने ने नहीं "
" क्यों यादों का सफ़र इतना लम्बा होता है जो आखरी सासों तक पीछा नहीं छोरता क्यों ईश्वर ने दिल और दिमाग बनाया बस एक ही काफ़ी था ना ...."
" बर्बाद तो हम भी कर सकते थे पर दुआ दी थी उन्हें आबादी की "
दो और ढाई अक्षर में ही सिमित है ये दुनिया बस उसे समझना ज़रा मुश्किल है.