priyanka verma

तारे रहते है आज भी आसमा में ......
फलक आज भी रोशन है चांदनी से ...
देखता कोई नहीं उस मयंक को
जो आज भी चमकता है उसकी याद में .........
दिलो की धडकने अभी तेज चलती है हवा सी
करती है हर पल उसका ही इंतजार बेबाक सी ........
मचलती है मछली की तरह बेकाबू सी
पर करती नही अपनी सीमा पार ये आज भी
क्यू की जानती है पत्थरो के दिल है यहाँ
पत्थरों के जज्बात भी .............!!!!!!!!!!!!
पर वीराने में भी जगमगाता है मेरा मन आज भी
क्यू की रोशन है एस मन का हर कोन यादो से उसकी आज भी ***************
प्रियल