Priti Sharma

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है ॥
दिल ना चाह कर भी, खामोश रह जाता है ॥
कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है॥
कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता है ॥

क्या बनाने आये थे और क्या बना बैठे
कहीं मंदिर बना बैठे तो कहीं मस्जिद बना बैठे
हमसे तो जात अछि उन परिंदों की
जो कभी मंदिर पे जा बैठे तो कभी मस्जिद पे जा बैठे