R@vi Kumar

R@vi Kumar

मेरी पहचान........थोड़ा सा सीधा और थोड़ा सा शैतान हूं,थोड़ा सा चालाक तो थोड़ा सा नादान हूं,
अकसर ही मैं अपना अक्स बदलता रहता हूं,एक पल बनूं धरा तो दूजे ही पल आसमान हूं,
अपने बनाए उसूलों पर ही जीता आया हूं,दुनियां के रिवाजों से बिलकुल ही अंजान हूं,
हर दिल में अपनी अलग सी जगह बनाता हूं,किसी का कुड़ेदान तो किसी के लिए जहान हूं,
मेरी जिंदगी की किताब के दो ही पन्नें मिलेंगे,पहले पर नेक दिल और आखरी पर इंसान हूं,