SANTOSH KUMAR GURJAR

मंज़िल मिल ही जाएगी एक दिन भटकते भटकते ही सही,
गुमराह तो वो हैं जो डर के घर से निकलते ही नहीं,
खुशियां मिल जायेंगी एक दिन रोते रोते ही सही,
कमज़ोर दिल तो वो हैं जो हँसने की कभी सोचते ही नहीं।