सरोज़ झा
खुद के बारे मेँ बता पाना सबसे मुस्किल काम है । कई लोग मुझे समाचार वाचक के रूप मेँ जानते हैं । कॉलेज द्वारा दिया गया क्रिएटिव खिताब आज भी सँजो के रखा हूँ। फिलहाल माया नागरी के मायाजाल मेँ फंसा हूँ। यहाँ ज़्यादातर लोग मुझे निर्देसक के रूप मेँ जानते हैं । मेरी खालीपन मे अक्सर रंग और ब्रश मित्र के रूप मेँ साथ देते हैं। आप जैसी मेरी दुनियाँ तो नहीं । क्यों न हम और आप मिलके मेरी स्वप्नसागर के शैर पर निकलें।