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My Name Is Taeed Siddiqui.
Hi! I’m currently living in Mandsaur,
मुझे आपसे आज एक ऐसे कॉन्सेप्ट को बताने का मौका मिल रहा है जिस पर शायद आज आपको बिल्कुल विश्वास नहीं हो, लेकिन यदि आपने इसे गंभीरता पूर्वक समझने की कोशिश की तो ज़रूर आपको महसूस होगा की इस कॉन्सेप्ट से हज़ारो लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ बनाई और बदली जा सकती है और अपनी तो खुद बखुद बदल जाएगी.
यह कॉन्सेप्ट रशिया के एक लोक प्रिय पेरसिओं मिस्टर. सेर्जी मवरोड़ी जी की दिमाग़ मे आया और वहाँ से शुरू होकर आज दुनिया के 90 से ज़्यादा देशों मे फैल चुका है और लगातार फैलता जा रहा है. भारत मे यह जुलाइ 2012 से चालू हुआ और अब तक लगभग 7 lakh. जागरूक लोगों तक पहुँच चुका है और बिजली की तरह पूरे देश मे फैलता जा रहा है.
क्या है यह कॉन्सेप्ट-------?
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दोस्तों !! यह कॉन्सेप्ट बेंकिंग प्रणाली पर आधारित है और "सहयोग दो तो सहयोग मिलेगा" के सिद्धांत पर काम करता है.वास्तव मे देखा जाए तो सभी बेंक अप्रत्यक्ष रूप से इसी सिद्धांत पर काम करते हैं. हमारा बेंक मे जमा पैसा दूसरों के काम आता है और बेंक द्वारा हमें मिलने वाला पैसा भी उस बेंक मे जमा किए हुए दूसरे लोगों का होता है.यानी बेंक में पैसा जमा करने वाले और बेंक से पैसा निकालने वाले हम सभी लोगों का पैसा ही एक दूसरे के काम आता है.लेकिन यह सब बेंक के माध्यम से होता है इसलिए दिखता नहीं है.
लोग बेंकों मे अपना पैसा क्यो जमा करते हैं?
इसके 2 कारण है_____(1) पैसे की सुरक्षा के लिए और
(2)पैसे का ब्याज मिलता है
(1) आइए विचार करें क्या बॅंक मे जमा राशि सुरक्षित होती है ? जैसा की सबको पता है की बॅंक अपने यहाँ जमा राशि का लगभग आधा हिस्सा बॅंक मे रखता है जिससे बॅंक का दैनिक लेनदेन चलता है और आधा हिस्सा एक निश्चित टाइम के लिए हाइ इटेरेस्ट पर रोल करता है और काफ़ी बड़ा अमाउंट तैयार कर लेता है. अगर कभी ऐसा हो की बॅंक मे जमा अपना पैसा निक��लने सभी लोग पहुँच जाएँ तो क्या बॅंक सब को भुगतान कर पाएगा ? बिल्कुल नहीं कर पाएगा क्योकि वो लोगों के पैसे को कहीं दूसरी जगह एक निश्चित टाइम के लिए इनवेस्ट किया हुआ है. तब बॅंक का क्या होगा ? क्या वो चलेगा ? बिल्कुल नहीं. दूसरी एक बात और जानने और समझने की है कि कभी भीकिसी आतंक,दैवी आपदा या अन्या किसी कारण से हुई बॅंक मे जमा राशि की क्षति होने की स्थिति मे रिज़र्व बॅंक द्वारा एक निश्चित अमाउंट ही लौटने का प्रावधान है, जमा चाहे जितना रहा हो. ऐसी स्तिथि मे देखा जाय तो बॅंक मे जमा पैसा सुरक्षित नहीं है फिर भी लोग बॅंक मे पैसा यह सब जानते हुए भी करते है और यह विस्वास करते हैं कि ऐसा नहीं होगा, जो भी होगा सब के साथ होगा.