Tarahathi Veerbhumi

जौनपुर

महर्षि वरुण की अश्रुधारा से प्रवाहित पावन वरुणा के तट पर स्थित जौनपुर जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत तरहठी अपने आप में तमाम खूबियों को समेटे हुए है.जनसँख्या और क्षेत्रफल की दृष्टि से अपनी विशालता के लिए मशहूर तरहठी को जौनपुर का गौरव माना जाता है.तरहठी कुल नौ मौजों में बंटी हुयी है. हलऊपुर से लेकर बिलहरिया तक की दूरी सात किमी है.दक्षिणी ओर इलाहबाद जिले का सराय सुल्तान (सर्पोशवीर) है तो उत्तर में फत्तूपुर निस्फी गाँव की सीमा तय करता है.पूर्व में इलाहबाद का सोरों (मल्हीपुर) गाँव स्थित है.
बनगांव (डीह), हेमापुर और किल्हापुर बड़े मौजे हैं.इसके आलावा छबीलेपुर,मनोरथपुर,चेरापुर,भुलना,खपिया,रैतियानं आदि जैसे छोटे पुरवे हैं. हेमापुर गाँव में पाण्डेय लोगों का बाहुल्य है.किल्हापुर में यादव,दुबे,श्रीवास्तव,डफाली,भूंज,कुम्हार और ठाकुर आदि भारी संख्या में रहते हैं.
चेरापुर में बकरुआ,दलित मौर्या,लुहार,सिंह और यादव की अच्छी तादात में है.मनोरथपुर उपधियों का गाँव माना जाता है.डीह पर ब्राह्मणों की कई उपजातियां हैं.छबीलेपुर पटेलों का गाँव है.तो हलऊपुर में मिश्रित जातियों का वास है.इसकेआलावा धईकार,भांट,बहचरिया,पासी,मुसहर,केवट,नोनिया,गड़ेरिया,बरई,कहार,तेली,माली,चुडिहार आदि जातियों के रहने से तरहठी की शान बढ़ती है।बदलते ज़माने ने तरहठी को गाँव से शहर जैसा बना दिया है।जहाँ कभी कच्चे रस्ते हुआ करते थे,अब वहां काली-काली पक्की सड़कें नज़र आने लगी हैं।स्कूल-कालेज,हास्पिटल,बिजली-बत्ती,पेयजल,शौचालय,सौर उर्जा संयंत्र,मोबाइल टॉवर,राईस मिल,गलियों में खडंजे,रसोईघरों में गैस के चूल्हे,आधुनिक सुविधाओं
से युक्त मकान,परिवहन के साधन आदि देख लगता है तरहठी अब गाँव नहीं शहर हो गया।हरेक हाथों में मोबाइल की मौजूदगी ने पोस्ट ऑफिस जरुरत को समाप्त कर दिया है।

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