Pankaj Singh Rathore
Thikana Sabalpura
उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
बाँध के साफा , जब तैयार होते है !
देखती है दुनिया छत पर चडके
ओर कहती है
काश हम भी राजपूत होते.!
ज़िन्दगी तो राजपूत जिया करते है, दिग्गजों को पछाड़ कर राज किया करते है, कौन रखता है किसी के सर पर ताज, राजपूत तो अपना राज तिलक सवयम किया करते हेउठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
बाँध के साफा , जब तैयार होते है !
देखती है दुनिया छत पर चडके
ओर कहती है
काश हम भी राजपूत होते.!
ज़िन्दगी तो राजपूत जिया करते है, दिग्गजों को पछाड़ कर राज किया करते है, कौन रखता है किसी के सर पर ताज, राजपूत तो अपना राज तिलक सवयम किया करते हे